🕉️🎯👌🏻श्री हरिपुरुषाय नमः🌍🫂 

आरती Om Jay Bhagwadgeete Gita Aarti 


ॐ जय  भगवद्गीते, जय  भगवद्‌गीते।

हरि-हिय-कमल-विहारिणि, सुन्दर  सुपुनीते॥


कर्म    सुमर्म    प्रकाशिनि, कामासक्तिहरा। 

तत्त्वज्ञान   विकाशिनि, विद्या   ब्रह्म   परा॥

 

निश्चल भक्ति  विधायिनि, निर्मल  मलहारी। 

शरण-रहस्य-प्रदायिनि, सब विधिसुखकारी॥


राग  द्वेष  विदारिणि, कारिणि  मोद  सदा।

भव-भय-हारिणि   तारिणि  परमानन्दप्रदा॥ 


आसुरभाव-विनाशिनि, नाशिनि तम-रजनी।

दैवी सद्‌गुणदायिनि, हरि. रसिका  सजनी॥


समता-त्याग सिखावनि, हरि-मुखकी बानी।

सकल शास्त्रकी स्वामिनि, श्रुतियोंकी रानी॥


दया-सुधा  बरसावनि  मातु ! कृपा  कीजै।

हरिपद-प्रेम  दान  कर  अपनो कर  लीजै॥