🕉️श्री हरिपुरुषाय नमः🌍🫂
भक्त भक्ति भगवंत गुरु चतुर नाम बपु एक।
इनके पद वन्दन किए नासहिं बिघ्न अनेक॥
Aisi Bhakti Suno Sukhdayi
ऐसी भक्ति सुनहुँ सुखदाई।
तीन अवस्था में दिन बीते।
सो सुख कहा न जाई॥
जाग्रत कथा कीरतन सुमिरन,
स्वप्ने ध्यान लै ल्यावे।
सुषुप्ति प्रेम मग्न अन्तरगत,
सकल प्रपंच भुलावै॥
सोई भक्ति भक्त पुनि सोई,
सो भगवन्त अनूपं।
सो गुरु जिन उपदेश बताया,
सुन्दर' तुरिये स्वरूपं॥