🕉️👌🏻श्री हरिपुरुषाय नमः🌍🫂
Inme Kya Lije Kya Dije Dadu Dayal
इनमें क्या लीजै क्या दीजै।
जन्म अमोलक छीजै॥
अरे! इन विषयों में क्या लेना देना है ? व्यर्थ ही अमूल्य मानव जन्म क्षीण होता है।
सोवत सुपना होई, जागे थैं नहिं कोई।
मृगतृष्णाजल जैसा, चेत देख जग ऐसा॥
ये तो अज्ञान निद्रा में सोया हुआ है, तब तक ही स्वप्नवत् भास रहे हैं, ज्ञान जाग्रत होते ही कोई भी न रहेगा। सचेत होकर देख, यह संसार मृग-तृष्णा के जलवत् प्रतीति मात्र ही है।
बाजी भरम दिखावा, बाजीगर डहकावा।
'दादू' संगी तेरा, कोई नहीं किस केरा॥
जैसे बाजीगर बाजी दिखाकर बहकाता है, वैसे ही भ्रम से सत्य भास रहा है। वास्तव में इस संसार में न तेरा कोई साथी है और न तू ही किसी का है।
🎙️हुल्लास पुरोहित Hullas Purohit