🕉️🎯👌🏻श्री हरिपुरुषाय नमः 🌍🫂
Agar Tu Janta Mujhko Achalram Bhajan
अगर तू जानता मुझको, न कहता मालिक का बन्दा॥
ईश्वर और जीव ये दोनों, रची हुई कल्पना मेरी।
वो कल्पित है दोनों मुझमें, अविद्या झूठ रचा फंदा॥
टुकी जब आँख लगी मेरी, हुआ जग जीव ईश पैदा।
खुली जब आँख हुए मिथ्या, जीव जग ईश सूर चंदा॥
लगा जिसे दुई का चश्मा, प्रकृति जीव ईश भासे।
अद्वितीय तत्त्व नहीं दीखे, माया ने किया उसे अंधा॥
जिगर के आँख की कारी, करा ब्रह्मवेता सद्गुरु से।
अचलराम तत्त्व जब दरसे जगत का छोड़ सब धंधा॥